गुरुवार, 4 फ़रवरी 2010

पर्यावरण

                                                       जरा सोचिये अगर आपके घर मैं शेर, चीते, भालू, और हाथी आ जाये, तो आप क्या करेंगे?.आप उन्हें अपने घर के बहार खदेड़ देंगे. क्योंकि आपमें बुद्धि है, आपके पास ताकत है, जिन्हें आप एक साथ इस्तेमाल कर उन्हें अपने पैरो तले दबा कर उन्हें जीत सकते हैं.
                     परन्तु ज़रा सोचिये अगर आप के पास सिर्फ ताकत या सिर्फ बुद्धि होती तो क्या आप उन्हें वहां से निकाल पाते? नहीं न क्योंकि ताकत और बुद्धि एक साथ बहुत अच्छे तरीके से काम करते हैं, जबकि उनके अकेले होने पर ऐसा नहीं हो सकता.
                                  इस बात पर भी "united we stand, divided we fall" यानी "एकता मैं ही शक्ति है" वाला सिद्धांत लागु होता है. मैं किसी की तरफ खासतौर पर इशारा नहीं कर रहाँ हूँ पर वह हम में से ही कोई है जो हमारे इस ग्रह पर रहने वाले अनेक पशु पक्षियों का हक़ छीन रहा है. जो की ग्रह के उतने ही हिस्सेदार हैं जितने की हम. हम क्या कभी किसी अनजाने व्यक्ति के घर में ऐसे ही घुस जातें हैं क्या? शिष्टाचार के नाते नहीं न! तो फिर ये शिष्टाचार जानवरों के मामलें में क्यों बदले जातें हैं. पर्यावरण हमारे साथ-साथ  अनेक पशु पक्षियों का भी घर है. वे बोल नहीं सकते पर क्या वे महसूस नहीं कर सकते वे भी तो हमारे तरह ही भगवान की एक आश्चर्यजनक रचना है. भगवान् ने हमें उन्हें सही रास्ता दिखने के लिए ये सोच दी है ताकि हम उन्हें भलाई की तरफ ले जा सकें.
में पूछता हूँ कि "पर क्या हम ऐसा कर रहे हैं ?" ये सवाल मुझको आपसे नहीं बल्कि आपको अपने आप से पूछना चाहिए.
में सोचता हूँ कि इस सवाल का जवाब सबका एक ही है नहीं.
तो क्यों न हम ये कोशिश करें कि इस जवाब को सुधार कर इसे करें हाँ.  
मेरे जैसे कई लोग आए और कई गए पर जवाब में कोई बदलाव नहीं आया.
                    हम  मानतें हैं कि पर्यावरण सिर्फ अपने लिए बहुत ज़रूरी है पर ऐसा नहीं है वह जानवरों के लिए भी उतना ही ज़रूरी है.
         पर  हम ऐसा मानतें कहाँ है.
  यही तो मनुष्य के स्वार्थी होने का एक सबूत है. 
       पर्यावरण को सुधारने के लिए हमारी स्कूल ने कुछ नियमों को इजाद किया है उनमें से तीन नीचे दिए गए हैं:
1.कचरे को अपनी सही  जगह यानी कचरा पात्र में पहुंचाओ.
2. यदि आप किसी को गलत जगह पर कचरा फैंकते हुए देखें तो नम्रता पूर्वक उसे नंबर 1 नियम कि जानकारीं दे.
3. कभी भी किताबों में से कागज़ मत फाडीये.


धन्यवाद! ! ! !

1 टिप्पणी:

  1. देवेय,
    आपने फिर एक अच्छी पोस्ट लिख कर चौंकाया है...पर्यावरण और समस्त प्राणियों के उस पर अधिकार को दिल से बताया है...मैं जब तुम्हारी उम्र का था तो इसके आस पास भी नहीं लिख पता था....फोटोग्राफ अच्छे है...

    उत्तर देंहटाएं