मंगलवार, 2 फ़रवरी 2010

सपने

हर  इंसान अपनी ज़िन्दगी का एक मकसद लिए जीता है.
 इसी लिए ज़िन्दगी  एक तरह से "mission to achieve the goal " है. 
अपना मकसद क्या है? इस सवाल का जवाब छुपा है अपनी कल्पनाओं मैं जहाँ अपन एक सपना देखतें है.
उस सपने मैं  कुच्छ भी हो सकता है जैसे: आसमान मैं पंछी की तरह उड़ना, चाँद पर चलना, लोगों की मदद करना आदि. 
सपना एक चिकनी मिटटी के गोले जैसा होता है वह अपने ऊपर है कि अपन उसे किस चीज मैं ढालतें हैं.  कुच्छ बच्चें अपनी आँखों मैं देश की रक्षा करनें का सपना लेकर बड़े होते हैं. कुच्छ सिपाही बनतें हैं और कुच्छ आतंकवादी. सिपाही और आतंकवादी मैं सिर्फ कुछ  अंतर होतें हैं सिपाही को ऐसा वातावरण मिलता हैं जिसमे वह देश की रक्षा करते हुए जान देने के लियें प्रेरित होता हैं जबकि एक आतंकवादी को जान लेते हुए मरने के लिए प्रेरित किया जाता. यह एक सपने के दो रूप होने का उदाहरण है. 
मैं सोचता हूँ कि मुझे नासा मैं एक अंतरिक्ष यात्री बनना चाहिए और मंगल ग्रह पर इंसानियत का पहला कदम मेरा हो. 
तो सपनो को चुनने की शक्ति मन की गहराइयों मैं छुपी होती है. 
कुछ दिन पहले 3 Idiots देखी उसमे भी एक सीन मैं भी इसी बात पर जोर दिया है. 
तो कभी भी अपने से छोटो पर कुछ बनने का जोर मत डालिए 
याद रखिये की भारत एक आजाद देश है.
और कभी भी नन्हे मुन्नों की आज़ादी उनसे मत छिनिये.        

2 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत सुन्दर पोस्ट लिखी है।बधाई।

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